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Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका


अकोला: अकोला जिले में बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मूर्तिजापुर तहसील के विरहित और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोयाबीन की फसल गंभीर संकट में घिर गई है और सूखे जैसे हालात बन चुके हैं। पिछले एक महीने से इलाके में बारिश का कोई बड़ा दौर न आने से खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

जमीन में पड़ी दरारें, विकास रुका
लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में मिट्टी की नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। पानी की भारी किल्लत की वजह से जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे फसलों का विकास पूरी तरह रुक गया है। किसान कड़ी मेहनत के बावजूद खड़ी फसल को बचाने में बेबस नजर आ रहे हैं।

फूल आने के संवेदनशील समय पर धोखा
वर्तमान में सोयाबीन की फसल में फूल आने (फ्लोरा) का चरण चल रहा है। इस संवेदनशील समय में फसल को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। समय पर पानी न मिलने से फूल मुरझाने लगे हैं।

कृषि विशेषज्ञों और किसानों का अनुमान है कि पर्याप्त नमी न मिलने से इस बार सोयाबीन के उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों का पूरा आर्थिक बजट गड़बड़ाने की आशंका है।

अगले 4-5 दिन बेहद अहम
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच किसान टकटकी लगाए बारिश की राह देख रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि अगले 4 से 5 दिनों में झमाझम बारिश नहीं हुई, तो खेतों में तैयार हो रही सोयाबीन की पूरी फसल सूखकर खाक हो जाएगी।